सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद के जनपद अधिवेशन में निर्विरोध चुनाव संपन्न, लखनलाल सक्सेना बने जिलाध्यक्ष

झांसी। सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद, झांसी का जनपद अधिवेशन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अधिवेशन के दौरान संगठन की नई कार्यकारिणी का निर्विरोध निर्वाचन किया गया। चुनाव में लखनलाल सक्सेना को जिला अध्यक्ष, दशरथ रजक को जिला मंत्री तथा आसाराम रायकवार को जिला कोषाध्यक्ष चुना गया। कार्यक्रम में लगभग 300 शिक्षकों की उपस्थिति रही। उपस्थित शिक्षकों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत बनाने और सेवानिवृत्त शिक्षकों के हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का आयोजन संघर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के संयोजक लखनलाल सक्सेना रहे। मुख्य अतिथि के रूप में परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सत्यदेव सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शंभू दयाल यादव एवं सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव ने की।

अधिवेशन में प्रदेश महामंत्री गुलाबचंद तिवारी सहित प्रदेश उपाध्यक्ष आसाराम रायकवार, जसवंत सिंह, मातादीन द्विवेदी, प्रभाकर शास्त्री एवं अवनीश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त इटावा के जिला अध्यक्ष ब्रजेश यादव, हरिराम खरे, फर्रुखाबाद के जिला अध्यक्ष विजय बहादुर यादव, जिला मंत्री दशरथ रजक, ब्लॉक अध्यक्ष चिरगांव लालाराम, कल्याण घोष, सीताराम यादव, रामबाबू मोंठ, भगत सिंह सेंगर, बृजकिशोर यादव (जालौन), अशोक तिवारी, बृजेश द्विवेदी एवं डोना देसाई सहित अनेक गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। महाराष्ट्र की सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ समाजसेवियों की उपस्थिति ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

इस अवसर पर संघर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित किया है। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका अनुभव, मार्गदर्शन और सामाजिक योगदान समाज के लिए अमूल्य है। ऐसे में सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान करना और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रयास करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

उन्होंने कहा कि संगठन की असली ताकत उसकी एकता, पारदर्शिता और सदस्यों के प्रति समर्पण में निहित होती है। निर्विरोध चुनाव संपन्न होना आपसी विश्वास, सामंजस्य और संगठनात्मक एकजुटता का प्रतीक है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से अपेक्षा है कि वे शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएं और उनके सम्मान, अधिकारों तथा कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें।

डॉ. सरावगी ने आगे कहा कि संघर्ष सेवा समिति सदैव सामाजिक सरोकारों, जरूरतमंदों की सहायता और समाज के विभिन्न वर्गों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रही है। शिक्षक समाज के हित में होने वाले सकारात्मक प्रयासों में समिति अपनी भूमिका निभाने के लिए तत्पर रहेगी।

अधिवेशन में प्रदेश अध्यक्ष श्री सत्यदेव सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगठन की गतिविधियों को प्रभावी बनाने, शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने और परिषद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर जोर दिया। निर्विरोध निर्वाचन को संगठन के प्रति विश्वास और एकजुटता का परिणाम बताया गया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित शिक्षकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। अधिवेशन में बड़ी संख्या में शिक्षकों की भागीदारी ने संगठन की सक्रियता और सेवानिवृत्त शिक्षक समुदाय की एकजुटता को प्रदर्शित किया।

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